रात्रि उत्सर्जन / नाईट ऐमिशन्स —
जैसे ही12 साल का बंटू अंगड़ाइयां लेता हुआ बिस्तर से उठ कर आया, उसकी 7 वर्षीया बहन मुन्नी ताली बजाते, ज़ोर ज़ोर से हंसी और बोली,” माँ देखो भईया ने सोते में सुसु करी है।” बंटू ने सकपका कर अपना पयजामा देखा, वाकई टांगों के बीच गीला था ; बहिन को गुस्से से घूर कर देखा और वापस भागा अपने कमरे की ओर। माँ और पिता जी चाय की चुस्कियां लेते अखबार पढ़ रहे थे। यह सब देख, पिता जी बंटू के पास गए ; वो काफी घबराया हुआ था , रोती आवाज़ में बोला ,” पापा, मुझे नहीं पता यह कब हुआ, मैंने बिस्तर गीला नहीं किया” पिता जी ने पुछा,” क्या ऐसा कभी पहले भी हुआ था ?” बंटू ने बताया,” हाँ , कुछ दिन पहले भी एक बार हुआ था। “
पिता जी ने प्यार से बंटू को अपने पास बिठाया और उसे स्वप्नदोष के बारे में जानकारी दी। इसके बाद से बंटू अपराधबोध से मुक्त हो कर एक बड़े व् ज़िम्मेदार लड़के की तरह व्यवहार करने लगा। सुबह उठ कर सबसे पहले बाथरूम जाता , ठीक से सामने आने योग्य बन कर ही शयनकक्ष से बाहर निकलता ; और हाँ पिता जी के साथ अच्छी दोस्ती सी भी हो गयी।

यह एक स्वाभाविक क्रिया है जिसमें किशोरों और युवा पुरूषों का सोते में ही वीर्य निकल जाता है और उन्हें पता ही नहीं चलता।
इसे स्वप्नदोष भी कहते हैं , जबकि यह कोई दोष या बीमारी नहीं है।
यह भी ज़रूरी नहीं कि जो हस्तमैथुन करते हैं या जनांगों को छूते हैं वे ही इस दशा से गुज़रते हैं ; यह तो बस एक और संकेत है प्रकृति का कि युवावस्था का आगमन हो गया है ; अब लड़के संतान उत्पत्ति कर सकते हैं।
* यदि एक किशोर हफ्ते में दो / तीन बार भी रात्रि उत्सर्जन करता है , तब भी इसका यह मतलब कतई नहीं है कि वह एक गन्दा या बुरा लड़का है या सेक्स के बारे में ही सोचता रहता है, यह युवाओं में होने वाली केवल आम शारीरिक दशा है।
* इससे लिंग के आकार या विकास पर कोई असर नहीं पड़ता।
* कुछ लोगों का मानना है कि इससे वीर्य में स्पेर्म्स की मात्रा कम हो जाती है, यह बिलकुल गलत धारणा है ; बल्कि इस क्रिया के ज़रिये पुराने स्पेर्म्स निकल जाते हैं और शरीर में नए , स्वस्थ शुक्राणु बनते हैं, देखिये प्रकृति किस तरीके से सहायता करती है जीवन के हर स्तर पर !
* स्त्रियों की योनि भी कभी कभी सोते में गीली हो जाती है , यह काफी कम होता है लड़कियों में , इसे पुरुषों के “नाईट ऐमिशन्स” के समान ही मान सकते है, ज़ाहिर है लड़कियों में स्पर्म नहीं होते।

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